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हमारे बारे में

2001 के गुजरात भूकंप से सम्मान के साथ जीवन फिर से सँवार रहे हैं।

हमारे बारे में

देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 2001 में, 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप के जवाब में हुई थी। कच्छ केंद्रित इस आपदा का असर पूरे राज्य में गहरा और लंबे समय तक रहा; वांकानेर और आसपास के गाँवों में भारी नुकसान हुआ और मानवीय ज़रूरतें खड़ी हुईं। ढहे घरों, जनहानि और स्वास्थ्य व आर्थिक कठिनाइयों के बीच स्थानीय नेता और चिकित्सक आशा लौटाने और ज़रूरी सेवाएँ फिर से खड़ी करने के लिए एकजुट हुए।

हमारी यात्रा

25 वर्षों की सेवा

  1. 2001

    गुजरात भूकंप के बाद ट्रस्ट की स्थापना

    डॉ. रमणीकभाई और डॉ. भानुबेन मेहता ने देवदया शुरू किया; बंधु समाज भवन में डायग्नोस्टिक सेंटर खुला।

  2. 2004

    एन.आर. दोशी नेत्र अस्पताल फिर से शुरू

    वांकानेर में फिर से नेत्र उपचार और ऑपरेशन शुरू।

  3. 2005

    बाल अंधत्व निवारण प्रोजेक्ट

    विज़िटिंग बाल नेत्र विशेषज्ञों के साथ बच्चों के लिए निःशुल्क शिविर।

  4. 2008

    बेस हॉस्पिटल के रूप में मान्यता

    सरकारी कार्ड के बिना मोतियाबिंद के निःशुल्क ऑपरेशन। बच्चों का सुपर स्पेशियलिटी विभाग शुरू।

  5. 2009

    गुजरात का पहला बच्चों का सुपर स्पेशियलिटी नेत्र अस्पताल

    गुजरात सरकार द्वारा मान्यता।

  6. 2023

    40 स्कूलों के लिए टेक्नोलॉजी

    शिक्षकों के निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ 3D प्रिंटर, ड्रोन और VR; अब तक 20 सरकारी स्कूलों का पुनर्निर्माण।

हमारी स्थापना की कहानी

हमारी स्थापना की कहानी

भूकंप के तुरंत बाद, मूल रूप से वांकानेर के और तब लंदन में रहने वाले डॉ. रमणीकभाई मेहता और डॉ. भानुबेन मेहता ने अपने गृहनगर की तत्काल अपील का जवाब दिया। निवासियों से बातचीत में सुलभ स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की गंभीर ज़रूरत सामने आई। इसी ज़रूरत से प्रेरित होकर और अपने बच्चों को पाल-पोसकर पढ़ाने वाली विधवा माँ दयाबेन के साहस से प्रेरणा लेकर मेहता दंपती ने 2001 में उनके नाम पर देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की।

ट्रस्ट का विधिवत पंजीकरण बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के तहत हुआ (पंजीकरण सं. E-6347, दि. 11/09/2001; अब E-701/मोरबी)। शिक्षाविद्, समाज सुधारक और राज्यसभा के पूर्व सदस्य ललितभाई मेहता अध्यक्ष के रूप में जुड़े और ट्रस्ट के शुरुआती विकास व समाज सेवा का मार्गदर्शन किया।

2001 का गुजरात भूकंप

2001 का गुजरात भूकंप देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट की यात्रा की नींव बना — आशा लौटाने, स्वास्थ्य सेवा देने और शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त करने की यात्रा।

हमारा लक्ष्य और दृष्टि

लक्ष्य :

वांकानेर और ग्रामीण गुजरात के लोगों को करुणापूर्ण, उच्च गुणवत्ता वाली और किफ़ायती स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवाएँ देना।

दृष्टि :

एक मज़बूत, स्वस्थ और शिक्षित समाज, जहाँ हर निवासी को अपना शहर छोड़े बिना ज़रूरी चिकित्सा और सीखने के अवसर मिलें।

नेतृत्व और संचालन

ट्रस्ट का संस्थापक नेतृत्व — डॉ. रमणीकभाई मेहता, डॉ. भानुबेन मेहता और उनके पुत्र देवेश मेहता — समाज के नेताओं और पेशेवरों के सहयोग से इसकी चिकित्सा और रणनीतिक दिशा का मार्गदर्शन करता रहा है। अनुभवी प्रशासकों और चिकित्सा स्टाफ़ की देखरेख में देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट पारदर्शिता, वित्तीय ज़िम्मेदारी और समाज के लिए मापे जा सकने वाले परिणामों पर ध्यान रखकर कार्य करता है।

नेतृत्व और संचालन

आगे की राह

  1. विशेषज्ञ नेटवर्क का विस्तार: अधिक कंसल्टेंट विशेषज्ञों को नियमित रूप से वांकानेर लाना, ताकि मरीज़ों को संपूर्ण इलाज स्थानीय स्तर पर मिले।
  2. जाँच और इलाज एक ही जगह: यह सुनिश्चित करना कि मरीज़ों को शहर से बाहर गए बिना हर प्रकार की बीमारी की जाँच और इलाज मिले।
  3. टिकाऊ साझेदारी: सेवा की गुणवत्ता और पहुँच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग मज़बूत करना।
  4. समाज में जागरूकता: बीमारियों का बोझ घटाने और लंबे समय तक भलाई सुधारने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और रोकथाम की पहल बढ़ाना।

देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट सम्मान के साथ जीवन फिर से सँवारने के लिए समर्पित है — 2001 की त्रासदी को स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज की मज़बूती के लिए निरंतर आंदोलन में बदलकर।

असर और साझेदारी का निमंत्रण

स्कूलों के ढाँचे, टेक्नोलॉजी और शिक्षकों की क्षमता में ट्रस्ट के संयुक्त निवेश से पढ़ाई का माहौल सुधरा है, शैक्षणिक और अन्य प्रतियोगिताओं में छात्रों की भागीदारी बढ़ी है और आर्थिक अवसरों के नए रास्ते खुले हैं। देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट साझेदारों, दानदाताओं और शैक्षणिक संस्थाओं को इन कार्यक्रमों को पूरे गुजरात में फैलाने के लिए साथ जुड़ने का निमंत्रण देता है, ताकि हर बच्चा — परिस्थिति चाहे जो हो — आधुनिक शिक्षा और आत्मनिर्भर भविष्य पा सके।

दानदाताओं का आभार

देवदया चैरिटेबल ट्रस्ट गुजरात सरकार, लायंस क्लब ऑफ़ एनफ़ील्ड (लंदन), डी मॉन्टफ़ोर्ट यूनिवर्सिटी, लेस्टर (यू.के.) की ऑडियोलॉजी टीम तथा हमारे अनेक व्यक्तिगत दानदाताओं, संस्थागत साझेदारों और स्वयंसेवकों के उदार सहयोग को कृतज्ञता से स्वीकार करता है। उनके निरंतर आर्थिक योगदान, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रत्यक्ष सेवा से देवदया डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना, एन.आर. दोशी नेत्र अस्पताल को फिर से शुरू कर उसका आधुनिकीकरण, बाल अंधत्व निवारण प्रोजेक्ट और मोबाइल आई क्लिनिक की शुरुआत तथा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प संभव हुआ है। हम उनकी साझेदारी का सम्मान करते हैं और जिन समुदायों की हम सेवा करते हैं, उन सबके लिए सुलभ स्वास्थ्य और शिक्षा बढ़ाने के लिए अन्य संस्थाओं और नागरिकों को जुड़ने का निमंत्रण देते हैं।