मोतियाबिंद यानी आँख के अंदर के प्राकृतिक लेंस का धुंधला होना। 50 वर्ष के बाद यह आम है और भारत में इलाज से रोके जा सकने वाले अंधेपन का सबसे बड़ा कारण है।
लक्षण
- धीरे-धीरे बढ़ता धुंधला या कोहरे जैसा दिखना
- रोशनी से चौंध और रात में देखने में परेशानी
- रंग फीके लगना; चश्मे का नंबर बार-बार बदलना
इलाज
दवा या ड्रॉप से मोतियाबिंद नहीं हटता। छोटे ऑपरेशन से धुंधला लेंस निकालकर साफ़ कृत्रिम लेंस (IOL) लगाया जाता है। एन.आर. दोशी नेत्र अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन निःशुल्क होता है; प्रीमियम लेंस रियायती दर पर मिलते हैं।
